जब इलेक्शन कमीशन (ECI) के अंदरूनी कामकाज और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं, तो बचाव में BJP नेता संबित पात्रा क्यों सामने आ रहे हैं? द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्तों ने नियमों की अनदेखी और बिना अप्रूवल फैसलों पर आपत्तियां जताई हैं। सवाल यह है कि अगर आयोग स्वायत्त (Autonomous) है, तो सफाई देने कौन आ रहा है? कानून के मुताबिक आयोग के फैसले सर्वसम्मति (Unanimity) या बहुमत (Majority) से होने चाहिए, क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) केवल 'First among equals' होते हैं। इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग की जगह राजनीतिक दलों के बचाव में आना कई नए सवाल खड़े करता है। Video - @neeraj_jhaa #ECI #SambitPatra #ExpressInvestigation #SukhbirSinghSandhu #VivekJoshi #ElectionCommissionControversy
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