झारखंड राज्य बने लगभग 26 वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक के आरोप, रद्द होने वाली परीक्षाएँ और नियुक्ति प्रक्रिया पर उठते सवाल आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। ऐसे में यदि व्यवस्था सुचारु है, तो छात्रों को बार-बार सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ क्यों उठानी पड़ रही है? युवाओं का कहना है कि उन्हें समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया चाहिए ताकि उनका भविष्य अनिश्चितता में न रहे। आखिर झारखंड के युवाओं की यह चिंता कब दूर होगी? #Jharkhand #HemantSoren #JharkhandStudents #StudentProtest #Youth
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