40 साल से सिल्क का काम कर रहे भागलपुर के एक कारीगर की जुबानी सुनिए-कभी यही पेशा परिवार की बेहतर आजीविका का सहारा था,लेकिन अब महीने में करीब 10 दिन काम ही नहीं मिलता। तो सवाल है-जिस भागलपुर की पहचान सिल्क उद्योग से बनी, वहां कारीगरों को आज लगातार कम काम और कम आमदनी का सामना क्यों करना पड़ रहा है? क्या बंद होती मशीनें इस पारंपरिक उद्योग के संकट की तस्वीर हैं? और इसे बचाने की जिम्मेदारी किसकी है? Video-@Harishjha97 देखिए पूरी रिपोर्ट Molitcs के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #Bhagalpur #BhagalpurSilk #SilkIndustry #BiharNews #TextileIndustry
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