पंजाब की राजनीति हमेशा से 'फेस-ओरिएंटेड' (चेहरा केंद्रित) रही है। वर्ष 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) की सफलता के पीछे भी यही रणनीति थी; जब तक चेहरा स्पष्ट नहीं था तब तक पार्टी का ग्राफ अटका हुआ था, लेकिन भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार घोषित करते ही माहौल बदल गया। इतिहास गवाह है कि पंजाब में पार्टी से बड़ा हमेशा नेता का चेहरा रहा है। 1984 दंगों के विरोध में इस्तीफा देकर उभरे कैप्टन अमरिंदर सिंह के चेहरे ने 2002 और 2017 में कांग्रेस को जीत दिलाई, जहाँ 2017 से पहले चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं ने कैप्टन को ही कमान देने की सिफारिश की थी। वहीं, 2007 और 2012 में शिरोमणि अकाली दल की सबसे बड़ी ताकत प्रकाश सिंह बादल का अपना चेहरा था। आज जब चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेता अपनी लोकप्रियता का दावा कर रहे हैं, तो सवाल यही है कि पंजाब में संगठन भारी पड़ेगा या लोकप्रिय चेहरे का करिश्मा? चर्चा- @neeraj_jhaa & @AadeshRawal देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #PunjabPolitics #BhagwantMann #AAP #Congress #AkaliDal
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