सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स (NTF) की 211 पन्नों की अंतरिम रिपोर्ट में यह चिंताजनक खुलासा हुआ है कि 2018 से 2023 के बीच देश के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों से OBC, SC और ST वर्ग के 13,600 से अधिक छात्रों ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। केंद्रीय विश्वविद्यालयों, IIT और IIM में बड़े पैमाने पर हुए इन ड्रॉपआउट्स के आंकड़ों ने देश की उच्च शिक्षा प्रणाली और कैंपस वातावरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि शीर्ष शिक्षण संस्थानों में 56% से अधिक फैकल्टी विशेषाधिकार प्राप्त पृष्ठभूमि से आती है, जबकि राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में SC फैकल्टी की हिस्सेदारी महज 7.57% और ST फैकल्टी की भागीदारी सिर्फ 1.91% है। टास्क फोर्स ने सामाजिक असमानता, जातिगत सूक्ष्म-आक्रामकता (micro-aggressions), भेदभाव और अनौपचारिक ‘कैंपस कल्चर’ को वंचित वर्ग के छात्रों में मानसिक तनाव व अलगाव का मुख्य कारण माना है। रिपोर्ट में केवल वित्तीय सहायता तक सीमित न रहकर भेदभाव-मुक्त वातावरण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया है। #EducationCrisis #MentalHealth #NTFReport #HigherEducation #IIT
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