RSS: सांस्कृतिक संगठन या सत्ता की असली ताकत? संविधान का सम्मान बनाम वैचारिक राजनीति! हामिद अंसारी के बयानों से लेकर दिल्ली में हुई हिंसा और महिलाओं के सम्मान की राजनीति तक जानिए RSS और भाजपा की नीतियों पर उठ रहे गंभीर सवालों का सच। RSS के समर्थक इसे एक सामाजिक और राष्ट्रवादी संगठन मानते हैं, वहीं आलोचक बहुसंख्यकवाद और धर्मनिरपेक्षता को लेकर सवाल उठाते हैं। चर्चा - @neeraj_jhaa और @Nivedita_Shan लिंक - #RSS #IndianPolitics #ConstitutionOfIndia #YogiAdityanath
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