बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि तहलका में की गई खोजी पत्रकारिता के कारण 13 वर्षों से राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है। तेजपाल ने आरोप लगाया कि बदला लेने के लिए उनका संस्थान और किताबों का प्रकाशन बंद कराया गया, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सच दोबारा सामने आएगा। #TarunTejpal #Tehelka #SupremeCourt #government #trendig
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