छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से संदिग्ध बांग्लादेशी होने के शक में हिरासत में लिए गए 23 मजदूरों में से 19 जांच के बाद प्रामाणिक भारतीय नागरिक पाए गए हैं। ईटीवी भारत और नईदुनिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, बिलासपुर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुरुआती जांच के दौरान संदेह के आधार पर इन कामगारों को हिरासत में लेकर रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया था। पश्चिम बंगाल पुलिस के समन्वय से किए गए पुलिस सत्यापन में यह बात स्पष्ट हुई कि ये कामगार मुर्शिदाबाद जिले के सुती, रघुनाथगंज और शमशेरगंज इलाकों के निवासी हैं और आजीविका के लिए छत्तीसगढ़ आए थे। नागरिकता की पुष्टि होने के बाद 19 मजदूरों को रिहा कर दिया गया है, जबकि बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह के अनुसार शेष 4 व्यक्तियों के दस्तावेजों और मतदाता सूची के रिकॉर्ड्स का क्रॉस-वेरिफिकेशन प्रक्रिया में है। इस घटना के बाद केवल भाषा या क्षेत्रीय पहचान के आधार पर पहले हिरासत में लेने और बाद में सत्यापन करने की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। #ChhattisgarhNews #BilaspurPolice #Laborers #WestBengal #ImmigrationIssue
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