मथुरा, उत्तर प्रदेश में एक शख्स ने “उर्दू हमारे देश की भाषा नहीं है” कहते हुए रेलवे स्टेशन में लगे बोर्ड से उर्दू में लिखे नाम हटाने की मांग की। इस बयान के बाद भाषा और पहचान को लेकर बहस तेज हो गई है। गौरतलब है कि उर्दू भारत की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के अनुसार उर्दू का जन्म और विकास भारतीय उपमहाद्वीप में हुआ तथा इसका हिंदी से भी गहरा भाषाई संबंध है। ऐसे में सवाल है-क्या किसी भाषा को उसकी लिपि या धार्मिक पहचान के आधार पर देश से जोड़कर देखा जाना चाहिए? #Mathura #UrduLanguage #UttarPradesh #LanguageDebate #HindiUrdu
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