BBC Hindi की पड़ताल के अनुसार, 2023-24 में सबसे ज्यादा चंदा पाने वाली 6 Registered Unrecognised Political Parties (RUPP) को कुल करीब ₹1,700 करोड़ मिले। इसके बावजूद 2024 लोकसभा चुनाव में इन पार्टियों ने मिलकर सिर्फ़ 15 उम्मीदवार उतारे। रिपोर्ट के मुताबिक, आम जनमत पार्टी को ₹620 करोड़, सत्यवादी रक्षक पार्टी को करीब ₹330 करोड़ और अन्य पार्टियों को भी करोड़ों रुपये का चंदा मिला। कुछ पार्टियों के फंड के इस्तेमाल और खर्च के रिकॉर्ड को लेकर रिपोर्ट में पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। RUPP चुनाव आयोग में पंजीकृत होती हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय या राज्य पार्टी की मान्यता नहीं मिली होती। चुनाव आयोग ने पहले भी लंबे समय तक चुनाव न लड़ने वाली बड़ी संख्या में RUPP को सूची से हटाया है। सवाल यही है-जब करोड़ों का चंदा मिले लेकिन चुनावी गतिविधि बेहद सीमित हो, तो ऐसी पार्टियों के फंड और टैक्स छूट की निगरानी कितनी सख्त होनी चाहिए? #RUPP #ElectionCommission #PoliticalDonations #IndiaPolitics #ElectionNews
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