संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। 2006 के मूल कानून में संशोधन करने वाले इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य MSME कारोबारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कराना, लिक्विडिटी में सुधार करना और विवाद समाधान की प्रक्रिया को तेज बनाना है। इस नए संशोधन के तहत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के लिए MSME से खरीदे गए सामान का बिल TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए चुकाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही भुगतान विवादों में मध्यस्थता (Mediation) और आर्बिट्रेशन के लिए 90-90 दिनों की तय समय-सीमा निर्धारित की गई है। वहीं, अगर कोई मामला अदालत में 6 महीने से अधिक समय तक लंबित रहता है, तो खरीदार को तय राशि का कम से कम 50% हिस्सा विक्रेता को तुरंत देना होगा। #MSME #RajyaSabha #ParliamentSession #BusinessNews #EconomyIndia
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