जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ Citizen March होना था। लेकिन जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग और भारी पुलिस तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों को डिटेन कर बसों में ले जाया गया। क्या इस देश में सिर्फ ‘वोट चोरी’ की इजाज़त है? क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की भी इजाज़त नहीं? अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, तो लोगों को क्यों रोका गया? किस नियम के तहत उन्हें डिटेन किया गया? ग्राउंड पर दिल्ली पुलिस और RAF के जवानों द्वारा प्रदर्शनकारियों को ले जाते हुए देखा गया। अब सवाल सिर्फ डिटेंशन का नहीं, बल्कि यह भी है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ और विरोध की जगह आखिर कहां है? Video-@neeraj_jhaa #GyaneshKumar #JantarMantar #CitizenMarch #DelhiPolice #GroundReport
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