जिस बुड्ढा दरिया को कभी साफ़ और पवित्र माना जाता था, वह आज औद्योगिक कचरे और रसायनों से काला क्यों दिखाई दे रहा है?अगर लुधियाना का औद्योगिक अपशिष्ट सतलुज और आगे की जलधाराओं तक पहुँच रहा है, तो क्या यह उपयोग के लिए सुरक्षित है?अगर यही जल आगे खेती और लोगों की पानी की जरूरतों में इस्तेमाल हो रहा है, तो जल, मिट्टी और लोगों की सेहत पर इसके असर की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या औद्योगिक अपशिष्ट के निपटान और जल स्रोतों की निगरानी पर जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए? Video-@neeraj_jhaa देखिए पूरी रिपोर्ट Molitcs के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #Punjab #BudhaNala #Ludhiana #SutlejRiver #WaterPollution
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