सर आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूं, ऐसे बिना जाने समझे किसी के ऊपर आरोप नहीं लगाया जाता है, कोरोना काल के दौरान यही योजना उत्तर प्रदेश सरकार अभ्युदय योजना के नाम से लेकर आई थी, परंतु उस योजना के नाम पर लाखों करोड़ रुपए कहां चले गए आज तक किसी को कुछ पता नहीं चला और उसे योजना के अंतर्गत सलेक्शन से स शब्द सुनने को नहीं मिला, अगर ऐसा नहीं है तो सरकार को डाटा देना चाहिए, फिर इतनी जल्दबाजी में यह कह देना उचित नहीं होगा, इसको प्रभावी बनाने के लिए मजबूत व ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जो की शिक्षकों के दृढ़ता व संकल्प के साथ सरकार के निष्पक्ष सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है, इससे भी बड़ी बात या होगी कि सरकार समस्या के जड़ पर पहुंचे और समस्या की जड़ सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति है, अगर सरकार सरकारी स्कूलों की हालत ठीक करके पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार कर दे तो शायद इसकी जरूरत भी ना पड़े, सबसे बड़ी बात यह भी है कि कोई भी काम इन्हीं सरकारी शिक्षकों से कराया जाता है तो उनके ऊपर यह भी एक मानसिक दबाव होता है ऐसे में शिक्षकों के ऊपर से यह दबाव भी खत्म करना होगा, बाकी पूरे देश में फ्री शिक्षा होना चाहिए। #SchoolThikKaro @abhinaymaths
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