आरक्षण सिर्फ कोटा नहीं, प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रभावी संवैधानिक माध्यम है। आज शिक्षा, सरकारी नौकरियों और संस्थानों में वंचित वर्गो की जो भागीदारी दिखती है, उसमें आरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर आरक्षण नहीं होता, तो इन वर्गो को प्रतिनिधित्व देने के लिए सरकार के पास कोई दूसरा प्रभावी तंत्र नहीं था।आरक्षण ने वंचित वर्गों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व का अवसर दिया, लेकिन सिर्फ आरक्षण से पूरी बराबरी नहीं आ सकती। जरूरत है-समय पर भर्ती, पर्याप्त रोजगार, बेहतर शिक्षा और सभी वर्गो को समान अवसर देने की। सवाल है-जब नौकरियां और वैकेंसी ही पर्याप्त नहीं होंगी, तो आरक्षण का लाभ कितने लोगों तक पहुंचेगा? Video- @neeraj_jhaa & @DrLaxman_Yadav देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #ReservationDebate #SocialJustice #Constitution #Equality #ReservationPolicy
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