सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान आशुतोष रांका ने सवाल उठाया कि बहस का केंद्र पेपर लीक के बाद दोषियों को दी जाने वाली सज़ा रहा, लेकिन पेपर लीक होने से पहले उसे रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और सुधारों पर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि केवल सज़ा का प्रावधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने, पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस निवारक उपायों पर भी समान गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। #PaperLeak #ExamReforms #PublicExaminations #Education #Students
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