घर टूटे, आजीविका छूटी... पटरी किनारे रहने को मजबूर बिहार के बाढ़ पीड़ित! बिहार : गाँव जलमग्न होने के बाद रेलवे पटरियों और तिरपाल के नीचे रात गुज़ारते परिवार। यह सिर्फ बढ़ते जलस्तर की कहानी नहीं है, बल्कि विस्थापन, गरीबी, लाचारी और उन लोगों का दर्द है जो हर साल सबसे पहले पीड़ित होते हैं और जिनकी आवाज़ सबसे देर से सुनी जाती है। क्या ज़रूरतमंदों तक पहुँच रही है सरकारी राहत सामग्री? बिहार में हर साल बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर क्यों हैं लोग? बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्या हैं ज़मीनी हालात? क्या सरकारी राहत सामग्री सच में ज़रूरतमंदों तक पहुँच पा रही है या कागज़ों तक ही सीमित है? ग्राउंड रिपोर्ट - @Harishjha97 Link - #BiharFloods #BiharReality #DisasterManagement #FloodsInBihar #BiharRural
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