केरल हाईकोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा और यौन अपराधों (POCSO व IPC/BNS) के संदर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर पेश करने वाला कानूनी फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी महिला या नाबालिग की सहमति के बिना उसके निजी अंगों पर वाइब्रेटिंग डिवाइस का इस्तेमाल करना कानूनी रूप से बलात्कार (Rape) का अपराध माना जाएगा। न्यायालय ने कहा कि यौन उत्पीड़न के मामलों में कानून की व्याख्या पीड़ितों के अधिकारों और सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली होनी चाहिए। #KeralaHighCourt #JudicialVerdict #BNS #IPC #WomenSafety
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