सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति उज्जल भुइयाँ ने भोपाल में आयोजित एक व्याख्यान के दौरान वाराणसी के उस मामले का ज़िक्र किया, जिसमें रमज़ान के दौरान गंगा में नाव पर इफ्तार करते हुए चिकन बिरयानी खाने के आरोप में 14 युवकों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून में गंगा पर चिकन खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, फिर भी आरोपियों को लगभग तीन महीने तक जमानत नहीं मिल सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई कृत्य स्वयं कानून के तहत अपराध नहीं है, तो इतनी लंबी हिरासत और जमानत में देरी को कैसे उचित ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा, "नागरिक देख रहे हैं, दुनिया देख रही है।" #JusticeUjjalBhuyan #SupremeCourt #RuleOfLaw #FundamentalRights #CivilLiberties
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