मुंबई के बोरीवली इलाके में आयोजित एक गरबा कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने नवरात्रि और गरबा आयोजनों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गरबा पांडालों में मुस्लिम समाज के लोगों को सीधी एंट्री नहीं दी जाएगी। यदि कोई प्रवेश करना चाहता है, तो उसे माथे पर तिलक लगाना होगा, देवी की पूजा-आरती करनी होगी और सनातन धर्म में आस्था जतानी होगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी शर्त रखी कि आने वाले लोग अपने परिवार (पत्नी, बहन, बेटी) के साथ ही आएं। उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि गरबा एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, कोई मनोरंजक डांस इवेंट या 'लव जिहाद' का स्थान नहीं। कार्यक्रम आयोजकों ने प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र (आधार कार्ड) की अनिवार्य जांच और विशेष सुरक्षा बल तैनात करने की पुष्टि की है। भाजपा विधायक के इस कड़े रुख के बाद राजनीतिक हलकों में धार्मिक आयोजनों में नियमों की अनिवार्यता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस छिड़ गई है। #SanjayUpadhyay #BJP #Garba #Navratri #GarbaRules
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