क्या हिंसा सहना ही पत्नी का धर्म है? जब पति मारपीट और अत्याचार करे, तो क्या पत्नी को इसे अपने “पिछले जन्म के कर्मों” का फल मानकर सहते रहना चाहिए? एक धार्मिक पुस्तक में दिए गए ऐसे विचारों पर गंभीर सवाल क्या ऐसी शिक्षाएँ महिलाओं के खिलाफ हिंसा को सही ठहराती हैं? भारतीय लेखक, शिक्षाविद और दिल्ली विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम और @neeraj_jhaa के साथ पूरी बातचीत Molitics के YouTube चैनल पर देखें। लिंक - #WomenRights #DomesticViolence #Hinduism #ReligionAndSociety
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