क्या 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' फ़िल्म में इतिहास के साथ हुई 'सिनेमैटिक लिबर्टी'? इस एपिसोड में जानिए— फ़िल्म में इतिहास के चित्रण और ऐतिहासिक दावों की ज़मीनी सच्चाई। सावरकर, गांधी, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी मुलाकातों व टाइमलाइन का विश्लेषण। 1940 के दशक में मुस्लिम लीग के साथ गठजोड़ और दया याचिकाओं के दावों की पड़ताल। नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स ('आर्टिकल 370' और समारोह के स्थान) पर उठते सवाल। 'सिनेमैटिक लिबर्टी' के नाम पर इतिहास में बदलाव कितना जायज़ है? क्या सिनेमा को इतिहास दिखाते समय ज़िम्मेदारी तय करनी चाहिए? सिनेमैटिक लिबर्टी कहाँ खत्म होती है और इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना कहाँ से शुरू होता है? Video - @neeraj_jhaa Link - #Savarkar #SwatantryaVeerSavarkar #RandeepHooda #NationalFilmAwards #IndianCinema #CinematicLiberty
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch