‘Mob Lynching’ शब्द से ऐतराज़ हो सकता है, लेकिन किताब (Akhlak) पढ़िए-क्योंकि यह सिर्फ़ मॉब लिंचिंग की कहानी नहीं, बदलते भारत और मरते ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ की कहानी है। रिश्तों की चुभन से लेकर नफ़रत के नारों और संस्थाओं की चुप्पी तक, यह किताब कई असहज सवाल सामने रखती है। Video -@neeraj_jhaa देखिए पूरी बातचीत Writer and Author दयाशंकर शर्मा और नीरज झा के साथ Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #IdeaOfIndia #IndianDemocracy #SocialJustice #FreedomOfExpression
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