Bastar को अब बारूद नहीं चाहिए. हाथों में अब बंदूक नहीं, अब किताब चाहिए. विकास चाहिए. जल-जंगल-ज़मीन की सुरक्षा चाहिए. गुलाम मोहम्मद ने जो रचा, बस्तर के आदिवासियों ने उसे महसूस किया है. Bastar: The Last Battle of Naxal में हमने जो बहुत नज़दीक से देखा-समझा, उसे Documentary Film के तौर पर समेट लाए हैं. हमें Bastar Documentary तैयार करने में 8 महीने लग गए. दिसंबर 2025 में जब जंगल में गोलियाँ चल रही थीं,उसी दौरान हम ये शूट कर रहे थे. बहुत जतन,तप,मेहनत और जोखिम के साथ ये पूरी कहानी आपके लिए लेकर आए हैं. उम्मीद करते हैं बस्तर का सारा सच दिखाने की कोशिश में हम कामयाब होंगे. आप न सिर्फ खुद देखेंगे,बल्कि अपने दोस्तों,परिवारजनों को भी दिखाएँगे. जितने अधिक लोगों तक ये डॉक्यूमेंट्री पहुंचेगी,हमारा हौसला ऐसे काम करने के लिए उतना ही बढ़ता रहेगा. ज़रूर देखिए. Bastar: The Last Battle of Naxal. @Abhinavpinch | Bastar: The Last Battle of Naxal
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