RSS की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति के गठन और मोहन भागवत के विवाह संबंधी पुराने बयान को लेकर आलोचना तेज है। आलोचकों का आरोप है कि RSS की विचारधारा में पारंपरिक पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। सवाल है-क्या ऐसी सोच आधुनिक लोकतांत्रिक और समानता आधारित समाज के अनुरूप है? Video -@neeraj_jhaa देखिए पूरी चर्चा Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #GenderEquality #Patriarchy #IndianPolitics #SocialDebate #WomensRights
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