लद्दाख की सामाजिक कार्यकर्ता गीतांजलि जे. आंगमो का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद को किसी एक राजनीतिक दल, विचारधारा, जाति, धर्म या क्षेत्रीय पहचान तक सीमित नहीं मानतीं। उनके अनुसार, इंसान की सबसे बड़ी पहचान उसकी चेतना, मानवता और विवेक है, न कि वह किसी दल, धर्म या विचारधारा से जुड़ा है। गीतांजलि का मानना है कि समाज में बढ़ती वैचारिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति लोगों को एक-दूसरे से दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि अच्छी बातों को हर विचारधारा से अपनाया जा सकता है और व्यक्ति को किसी एक पहचान में बांधकर नहीं देखना चाहिए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। #GeetanjaliJAngmo #Ladakh #Humanity #Ideology #Politics
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