छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए CSPDCL ने दिसंबर 2025 में CSERC के सामने याचिका दाखिल कर स्टील इंडस्ट्री को मिलने वाली अधिकतम 25 प्रतिशत लोड फैक्टर रीबेट को घटाकर 10 प्रतिशत करने की मांग रखी थी। 15 जून 2026 को CSERC ने फाइनल टैरिफ ऑर्डर जारी करते हुए इस छूट को 25 प्रतिशत ही बरकरार रखा। CSPDCL को सिस्टम चलाने के लिए करीब ₹32,520 करोड़ की जरूरत है, लेकिन आयोग ने केवल ₹28,347 करोड़ ही स्वीकृत किए। स्टील इंडस्ट्री की छूट कम करने की जगह डोमेस्टिक उपभोक्ताओं को 400 यूनिट पर मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट घटाकर 100 यूनिट कर दी गई, दिसंबर 2025 में सरकार ने इसे संशोधित कर 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत राहत तय की। CSERC ने कुल मिलाकर बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। सवाल है-स्टील इंडस्ट्री को छूट जारी क्यों रखी गई और बिजली का बढ़ता बोझ आम जनता पर क्यों? Video-@hemannt_yadava देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #Chhattisgarh #SteelIndustry #ElectricityBill #ChhattisgarhNews #PowerSector
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