हमीरपुर, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल की इस लड़की ने वो काम कर दिया, जो देश के बड़े-बड़े नेता और पत्रकार भी नहीं कर पा रहे हैं। देखिए, एक सरकारी स्कूल की छात्रा खराब सरकारी स्कूल व्यवस्था पर मीडिया के सामने बेबाकी से सवाल उठा रही है और जवाब मांग रही है। एक तरफ देश के बच्चे अपने स्कूल की बदहाल व्यवस्था के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के सामने पत्रकारों की स्वतंत्र प्रेस कॉन्फ्रेंस और जवाबदेही का सवाल लगातार बना हुआ है। सवाल ये है-जब एक सरकारी स्कूल की बच्ची अपने अधिकार और अपने स्कूल की सुविधाओं के लिए सवाल कर सकती है, तो देश के प्रधानमंत्री से सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सवाल क्यों नहीं पूछे जा सकते? और हाँ, आलोचना शिक्षा को लेकर होनी चाहिए, लेकिन यह कहना कि प्रधानमंत्री "पढ़े-लिखे नहीं हैं", तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड में उनकी B.A. और M.A. (Political Science) की शैक्षणिक योग्यता दर्ज है। वीडियो - @raghavindia1
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