नलसार (NALSAR) लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह विवाद और छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक लगाने वाले सर्कुलर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को सख्त फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के हस्तक्षेप को पूरी तरह अनावश्यक और गैर-जरूरी बताते हुए कहा कि छात्रों ने सीधा पत्र उन्हें लिखा था और यह मामला छात्रों व उनके बीच के संवाद का है, जिसमें BCI का दखल बिल्कुल नहीं बनता। अपने छात्र जीवन का हवाला देते हुए CJI ने स्पष्ट किया कि युवाओं और छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि युवा उम्र में कोई गलत बयान भी दे देता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उससे सवाल उठाने या विरोध दर्ज कराने का अधिकार छीन लिया जाए। शीर्ष अदालत ने BCI को कड़ा निर्देश देते हुए छात्रों या फैकल्टी के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगा दी है। #CJISuryakant #SupremeCourt #BarCouncilOfIndia #NALSAR #LawStudents
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