बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह राय रखना कि 'बाबरी मस्जिद का विध्वंस नहीं होना चाहिए था', किसी भी तरह से राष्ट्रविरोधी (anti-national) नहीं है। अदालत ने साफ किया कि संविधान देश के हर नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने और किसी ऐतिहासिक घटना पर अपनी असहमति या राय रखने की आजादी देता है। कोर्ट के मुताबिक, ऐसे बयानों या विचारों को देशद्रोह या राष्ट्रविरोधी गतिविधि के दायरे में नहीं लाया जा सकता। #BombayHighCourt #BabriMasjid #FreedomOfSpeech #LegalNews
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