बिहार को हर साल बाढ़ से बचाने के वादे होते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में लाखों लोगों की जिंदगी अब भी पानी के भरोसे है। चुनावी भाषणों में बाढ़ मुक्त बिहार का सपना दिखाया जाता है, मगर बारिश आते ही गंगा, कोसी, गंडक, सोन और घाघरा का बढ़ता जलस्तर, टूटते तटबंध, डूबती सड़कें और प्रभावित परिवारों की मुश्किलें सामने आ जाती हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिहार के करीब 15 जिलों में लगभग 49 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रमुख प्रभावित जिलों में पटना, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, पूर्णिया और अररिया शामिल हैं। चुनावी वादा बाढ़ मुक्त बिहार का, लेकिन हर साल बाढ़ की मार क्यों? #BiharFlood #BiharFlood2026 #BiharNews #BiharFloodAffected #BiharPolitics
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch