प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दिमागी नक्सलों से सावधान रहने’ की बात कही। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने या जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वालों को भी ‘नक्सली’ कह दिया जाएगा? मांग है कि ऐसे मामलों में लेबल लगाने के बजाय संवाद किया जाए, वन अधिकार कानून लागू हो और आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। Video -@neeraj_jhaa & @DrPankajSpeaks देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #DimagiNaxal #AdivasiRights #PoliticalDebate #IndianPolitics #IndiaNews
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