दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी (PG) इमारत ढहने से हुई 7 मौतों के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की पीठ ने स्पष्ट कहा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए सिर्फ इमारत का मालिक जिम्मेदार नहीं है, बल्कि दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) प्रशासन भी उतने ही कसूरवार हैं। अदालत की सुनवाई और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाई कोर्ट ने यूनिवर्सिटी में पर्याप्त हॉस्टल न होने और बाहर से आने वाले छात्रों को असुरक्षित पीजी में रहने पर मजबूर होने को 'दयनीय स्थिति' करार दिया। कोर्ट ने कहा कि बिना इजाजत अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है। हाई कोर्ट ने MCD को एक सप्ताह के भीतर पूरे क्षेत्र के सभी पीजी की व्यापक जांच करने, अवैध निर्माणों पर रिपोर्ट सौंपने और 10 दिनों में जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है। #DelhiHighCourt #SatyaNiketan #MCD #DelhiUniversity #DelhiNews
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