अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए महज 3,000 रुपये का इनाम जीतने की खातिर नंगे पैर मैराथन में दौड़ने वाली रमाबाई जी के संघर्ष पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस मां की मदद के लिए कई हाथ आगे आएंगे और यह सराहनीय है, लेकिन क्या इससे सिस्टम बदलेगा? देश में ऐसी न जाने कितनी बेटियां होंगी। बेटियों की पढ़ाई उनका अधिकार होना चाहिए, संघर्ष नहीं; हमें पूरे सिस्टम को बदलना होगा। उनका मानना है कि व्यक्तिगत मदद के बजाय शिक्षा की ऐसी ठोस व्यवस्था होनी चाहिए, जहां किसी मां को बच्ची को पढ़ाने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े। #ArvindKejriwal #AAP #EducationSystem #WomenEmpowerment #SocialJustice
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