इतिहास में युद्ध के दौरान हारने वाले राज्यों पर कब्जा किया जाता था, लूटपाट होती थी और मंदिरों के साथ झंडे भी बदले जाते थे। ऐसे समय में महिलाओं के शोषण का खतरा भी रहता था। इसी संदर्भ में जौहर की परंपरा और ‘पिता रक्षति कौमारे, भर्ता रक्षति यौवने, पुत्रो रक्षति वार्धक्ये’ जैसे श्लोकों की व्याख्या पर सवाल उठाया गया। क्या इन श्लोकों का मूल उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और जिम्मेदारी था, या महिलाओं को संपत्ति मानने की सोच भी इसमें शामिल थी? Video-@neeraj_jhaa & @DrPankajSpeaks देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #IndianHistory #HistoryDebate #HistoricalPerspective #SocialDebate #IndianCulture
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