15 अगस्त 2026 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद खत्म हो चुका है, लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ अब भी मौजूद हैं और उन्हें पहचानकर अलग-थलग करना होगा। प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने सवाल उठाया कि क्या हर असहमति रखने वाला व्यक्ति नक्सली है। उन्होंने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल स्पष्ट किया जाना चाहिए और लाल किले जैसे राष्ट्रीय मंच से इस तरह की भाषा से बचना चाहिए। #RajeevShukla #Congress #DimaagiNaxal #Naxalism #indepenceday
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