देश में 35% से ज्यादा बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, लेकिन ₹12,750 करोड़ के भारी-भरकम बजट के बावजूद 'पीएम पोषण' (मिड-डे मील) योजना की जमीनी हकीकत भयावह है। नालंदा में नमक की जगह डिटर्जेंट मिलने से 34 बच्चे अस्पताल पहुंचे, तो सहरसा में खाने में सांप निकलने से 150 बच्चे बीमार हो गए। महोबा में दूध में बाल्टीभर पानी मिलाया जा रहा है और प्रयागराज में जहरीला खाना परोसा जा रहा है। इतने बड़े बजट और सरकारी दावों के बाद भी बच्चों की सेहत से खिलवाड़ की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? #MidDayMeal #PMPoshan #ChildNutrition #EducationDepartment #SchoolFoodSafety
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