दिसंबर 2024 में प्रो. कीर्ति पांडेय को UPESSC का पहला पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाया गया। उनके कार्यकाल में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के आरोप में आयोग के संविदा कर्मचारी मेहबूब अली की गिरफ्तारी हुई। STF ने भी उस पर पेपर लीक में कथित भूमिका का आरोप लगाया। आयोग परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहा है, जबकि चयनित अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत का हवाला देकर परीक्षा रद्द न करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेपर लीक विवाद के बीच प्रो. कीर्ति पांडेय को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में फिलॉसफी विभाग की प्रमुख और फैकल्टी ऑफ आर्ट्स की डीन जैसी अहम जिम्मेदारियां कैसे मिल गईं? आखिर जवाबदेही तय होने से पहले नई जिम्मेदारी क्यों? Video - @hemannt_yadava पूरी वीडियो देखिए Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #upessc #AssistantProfessorRecruitment #PaperLeak #UttarPradesh #TeacherRecruitment
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