चलती ट्रेन में एक यात्री द्वारा दीपक जलाकर पूजा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। भारतीय रेलवे में आग से जुड़ी किसी भी असुरक्षित गतिविधि को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही भी सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है। यह मुद्दा किसी धर्म, पूजा-पद्धति या आस्था का नहीं है। सवाल है कि क्या सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे तरीके अपनाए जाने चाहिए, जिनसे दूसरे यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है? आस्था घर, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या पूजा स्थल पर पूरी श्रद्धा से कीजिए-लेकिन सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। अगर इसी दीपक से आग लग जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता। क्या व्यक्तिगत आस्था के नाम पर दूसरे यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा सकती है? #IndianRailways #TrainSafety #RailwayRules #PublicSafety #RailTravel
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