जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने विपक्ष की चुनावी रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में लोगों के बीच नाराजगी या गुस्सा हो सकता है, लेकिन सिर्फ सत्ता-विरोधी माहौल के भरोसे चुनाव नहीं जीते जा सकते। उन्होंने कहा कि इस गुस्से को सही दिशा और मजबूत संगठन से जोड़ना जरूरी है। प्रशांत किशोर ने इसे “बरसाती पानी” की मिसाल से समझाते हुए कहा कि जैसे केवल बारिश का पानी खेती के लिए पर्याप्त नहीं होता, वैसे ही जनता की नाराजगी को राजनीतिक समर्थन में बदलने के लिए लगातार मेहनत और संगठन की जरूरत होती है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल के छात्र संघ चुनावों और विपक्ष की रणनीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। हालांकि, प्रशांत किशोर ने इस बयान में किसी एक नेता का नाम लेकर सीधी आलोचना नहीं की, बल्कि विपक्ष की समग्र रणनीति पर बात की। #PrashantKishor #RahulGandhi #Opposition #Politics #JanSuraaj
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