दिल्ली में रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों को हिरासत में लेने और कथित मारपीट का पूरा सच। क्या भारत में अब स्वतंत्र पत्रकारिता करना ख़तरा बन गया है? देखिए शाहीन खान और नफ़ीसा की आपबीती और जानिए प्रेस की आज़ादी और पुलिस की जवाबदेही पर खड़े होते बड़े सवाल। सवाल पूछना कब से अपराध हो गया? स्वतंत्र पत्रकारों के साथ पुलिस का यह बर्ताव लोकतंत्र और प्रेस की आज़ादी के लिए कितना बड़ा ख़तरा है? वीडियो - @Nivedita_Shan लिंक - #PressFreedom #JournalismIsNotACrime #DelhiPolice #ShaheenKhan #Nafisa #FreePress
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