चुनाव आयोग (ECI) के भीतर से सामने आ रही आपत्तियों और नोटों ने एक बड़ा प्रशासनिक सवाल खड़ा कर दिया है। अफसरों के विदेशी दौरों से लेकर आधिकारिक पत्राचार (Official Communication) तक, बिना आयोग की मंजूरी के काम होने के आरोप सामने आए हैं। पूर्व चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार) द्वारा कई मौकों पर आयोग के नियमों के उल्लंघन पर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। अगर आधिकारिक फैसले और निर्देश बिना मुख्य आयुक्तों के अप्रूवल के जारी हो रहे हैं, तो सवाल उठता है कि असली 'बिग बॉस' कौन है? क्या चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में इस तरह की अव्यवस्था चुनावी निष्पक्षता पर असर डालती है? चर्चा - @Nivedita_Shan और @neeraj_jhaa लिंक - #electioncommission #gyaneshkumar #eci #indianpolitics #democracy
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