आरक्षण पर बहस तो जोरों पर होती है, लेकिन जातिगत भेदभाव के खिलाफ वैसी आवाज़ क्यों नहीं उठती? जब तक असमान सामाजिक ढांचा और पुश्तैनी पेशों की मज़बूरी बनी रहेगी, तब तक यह लड़ाई अधूरी है। आरक्षण के खिलाफ गुस्सा क्यों है, लेकिन समाज से जातिगत ऊंच-नीच और भेदभाव मिटाने की वैसी जल्दी क्यों नहीं दिखती? यह बातचीत जाति, आरक्षण, सामाजिक न्याय और उन कठोर सच्चाइयों पर है, जो आज भी भारत के कई हिस्सों में लोगों की ज़िंदगी को आकार दे रही हैं। चर्चा - @neeraj_jhaa और @DrLaxman_Yadav लिंक - #CasteSystem #ReservationDebate #Equality #IndianSociety
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