अभिजीत दीपके का कहना है कि अतीत में कई नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंचों से आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन मामलों में कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, छात्र प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणियों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कानून सबके लिए समान है, तो आपत्तिजनक भाषा के हर मामले में समान कार्रवाई क्यों नहीं होती? कानून का पैमाना सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई बड़ा राजनीतिक नेता? #AbhijeetDeepke #CJP #PoliticalDebate #RuleOfLaw #EqualJustice
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