इंडियन एक्सप्रेस' की एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर बड़ा प्रशासनिक मतभेद सामने आया है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में नए वोटर जोड़ने, फॉर्म-6 में गैर-कानूनी बदलाव, वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण और गोआ में 97 योग्य मतदाताओं के नाम दर्ज न हो पाने जैसे मामलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन खुलासों के बाद निर्वाचन आयोग ने तुरंत स्थिति साफ करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित आयोग के सभी फैसले तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति और मंजूरी से ही लिए गए हैं। इसके बावजूद, विपक्षी दलों ने डेटा की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। #ElectionCommission #CEC #GyaneshKumar #ECI #VoterList
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch