क्या भीड़ की हिंसा अचानक भड़कती है या यह हमारे समाज में पहले से मौजूद भेदभाव का खतरनाक रूप है? 'पावर प्ले' के इस नए एपिसोड में नीरज झा (@neeraj_jhaa), लेखक दयाशंकर मिश्रा (@DayashankarMi) से उनकी बहुचर्चित किताब 'अखलाक' और मॉब लिंचिंग की कड़वी सच्चाई पर गहराई से चर्चा कर रहे हैं। जानिए कैसे पहचान, जाति, धर्म और पूर्वाग्रह मिलकर समाज में ऐसा माहौल बनाते हैं जहाँ असहमति हिंसा का रूप ले लेती है। मॉब लिंचिंग, जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के पीछे की असली सोच क्या है? लिंक - #Akhlaq #DayashankarMishra #MobLynching #SocialDiscrimination #IndianSociety #Molitics #BookDiscussion
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