2014 से पहले पेट्रोल की कीमत ₹35 प्रति लीटर तक लाने के दावे किए गए थे। लेकिन बाद के वर्षों में कई शहरों में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गई। सरकार ने कीमतों पर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, टैक्स और वैश्विक बाजार के प्रभाव को जिम्मेदार बताया। चुनावी दावों और जमीनी हकीकत के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों रहा? VIDEO -@neeraj_jhaa इस पूरे मामले के पीछे की असली कहानी और सियासी दावों की हकीकत देखिए Molitics के यूट्यूब चैनल पर । लिंक - #FuelPrices #PoliticalPromises #ElectionPromises #IndianPolitics #PetrolPolitics
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