मध्य प्रदेश के बालाघाट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों में बुखार के साथ चकत्ते, सीजनल फ्लू, दस्त और मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टर देवेंद्र निकोले के मुताबिक, मलेरिया काफी हद तक नियंत्रण में है और दूरदराज के इलाकों में MMU, आशा कार्यकर्ता व सुपरवाइजर निगरानी कर रहे हैं। लेकिन पूरे स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ एक डॉक्टर है, जो रोजाना करीब 50-55 मरीजों का इलाज करते हैं। ऐसे में सवाल है-क्या एक डॉक्टर इतनी बड़ी आबादी की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी कर सकता है? दूरदराज के आदिवासी इलाकों में पर्याप्त डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कब तक उपलब्ध कराया जाएगा? Video- @Harishjha97 देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #Balaghat #MadhyaPradesh #TribalHealth #HealthcareCrisis #RuralHealthcare
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