जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही भारत के कूटनीतिक रुख और अंतरराष्ट्रीय नीति पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत को BRICS के अध्यक्ष के रूप में अधिक साहस और सच्चा वैश्विक नेतृत्व दिखाते हुए एक व्यापक प्रस्ताव लाना चाहिए था। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आतंकवाद और हिंसा की निंदा चयनात्मक (selective) नहीं हो सकती। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस प्रस्ताव में गाज़ा में जारी नागरिकों की मौतों और ईरान पर हुए हमलों की भी स्पष्ट निंदा शामिल होनी चाहिए थी, जिसमें कई राजनीतिक नेताओं और निर्दोष स्कूली बच्चों की जान गई। पूर्व सीएम ने स्पष्ट किया कि "नागरिकों के खून की कोई राष्ट्रीयता नहीं होती और अंतरराष्ट्रीय न्याय के दोहरे मानदंड नहीं चल सकते। #MehboobaMufti #BRICS #PahalgamAttack #GazaCrisis #Iran
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch