संकट के समय सरकार से समाधान की उम्मीद होती है, सिर्फ सलाह की नहीं। नोटबंदी में 50 दिन का समय मांगा गया, कोरोना के दौरान ताली-थाली और दीये जलाने की अपील हुई, वहीं युद्ध जैसे वैश्विक संकटों में लोगों से ईंधन कम खर्च करने और सोना न खरीदने जैसी अपीलें की जाती हैं। सवाल है-प्रधानमंत्री का काम जनता से त्याग मांगना है या संकट के समय ठोस समाधान देना? Video-@neeraj_jhaa & @AadeshRawal देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #IndiaPolitics #GovernmentAccountability #PoliticalDebate #Governance #IndianPolitics
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